Phd in JNU: सिरसा के इस गाँव के युवक ने शहीद भगत सिंह विषय पर JNU से लिखी पहली पीएचडी.. जाने क्या है खास

Join WhatsApp Join Group
Like Facebook Page Like Page

Phd in JNU: सिरसा जिला के उस छोटे से आखिरी गांव कर्मसाना का रहने वाला है युवक

 

Phd in JNU: युवाओं के आदर्श शहीद भगत सिंह विषय पर जेएनयू विश्विद्यालय से पहली पीएचडी लिखने का सौभाग्य इस युवक को मिला।

प्रकाश चंद्र ने इस कार्य पर बखूबी आभार प्रकट किया और इस काम को मैंने बखूबी निभाया l

Phd in JNU: सिरसा के इस गाँव के युवक ने शहीद भगत सिंह विषय पर JNU से लिखी पहली पीएचडी.. जाने क्या है खास

Phd in JNU: हरियाणा के सिरसा जिला के उस छोटे से आखिरी गांव कर्मसाना से आता है, जहां यातायात के साधनों से लेकर पीने का पानी तक पहुंचना भी बहुत मुश्किल है ऐसे में शिक्षा की पहुंच की बात करना तो अपने आप में ही बेमानी है.

और उसी गांव से निकलकर PhD की डिग्री हासिल कर लेना वो भी देश के सबसे प्रतिष्ठत विश्वविद्यालय से किसी हसीन सपने से कम नहीं है l

प्रकाश चंद्र ने बताया कि आज जो कुछ उसने किया वो सब उनके माता पिता के उन पर असीम भरोसे की बदौलत  है. बाकि उनके सभी परिवारजनों की हर संभव मदद की बदौलत l

प्रकाश चंद्र ने सभी ग्रामवासियों का भी तहदिल से आभार व्यक्त किया और जिन्होंने उनके विषय में हमेशा एक सकारात्मक नजरिया रखते हुए ये महान कार्य करने की ऊर्जा प्रदान की l एक उम्मीद अपने दिल में पाले हुए था कि उसके गांव के होनहार बच्चे उनके इस काम से अपने भविष्य के लिए प्रेरणा लेंगे l

आमतौर पर हमारे जैसे ग्रामीण परिवेश से आए हुए वे तमाम लोग उनकी इस बात से इत्तेफाक रखेंगे कि भाषा, सोशल हरारकी और पृष्ठभूमि के भारी अंतर की वजह से यह यात्रा अक्सर हमारे जैसे लोगों के लिए बहुत ही चुनौती पूर्ण रहती है, यह कहते हुए उन्होंने इस बात को स्पष्ट कर किया कि यह सब संभव है तो केवल जेएनयू जैसे विश्वविद्यालय के इन्क्लूसिव environment(पढ़ाई के अनुकूल वातावरण) की वजह से l

Read More  PM Modi: बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी को दी चुनौती.

प्रकाश चंद्र ने अपने सभी शुभचिंतकों का  आभार व्यक्त किया।

Phd in JNU: 22 अप्रैल, 2024 को उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर हिस्टॉरिकल studies से अपना पीएचडी सब्मिट किया l

प्रकाश चंद्र का थीसिस का विषय  ‘Revisiting Bhagat Singh 1907-1931: Revolutionary Politics, Nation and Remembrance’ सालों की यात्रा का यह कालखण्ड अपने व्यक्तिगत और बौद्धिक विकास की दृष्टि से बेहतरीन रहा और इस श्रृंखला में तमाम लोगों की सक्रिय भूमिका रही जिनका वे अपने जीवन मे सदेव आभारी  रहने की बात कही l

 

Also check: Bhagat Singh Chair, CHS organises a lecture by Prof. Irfan Habib

 

Phd in JNU:प्रकाश चंद्र ने कही ये बड़ी बात 

इसी श्रृंखला में सबसे अहम भूमिका मेरे सुपरवाइजर डा. ज्योति अटवाल की रही l शायद शाब्दिक पराकाष्ठाओं के चलते मैं इस भूमिका, योगदान और मार्गदर्शन का गुरुत्व स्थापित ना कर पाऊं पर इस पोस्ट का प्रयास और उद्देश्य वही है l

Also Read: Karj mafi 2024: कांग्रेस की सरकार आने पर किसानों का सारा कर्जा माफ किया जाएगा: कुमारी सैलजा

बने रहे आप हमारी वेबसाइट Esmachar के साथ. आपको हरियाणा ही नहीं बल्कि सभी महत्वपूर्ण सूचनाओं से हम रूबरू कराने के लिए सबसे पहले तयार है. चाहे खबर कोई भी हो. सरकारी योजनाए, क्राइम, Breaking news, viral news, खेतीबाड़ी, स्वास्थ्य.. सभी जानकारियों से जुड़े रहने के लिए हमारे whatsapp ग्रुप को जॉइन जरूर करें.

Raman

Ramandeep Singh village ramgarh sirsa (haryana)

Related Articles

Back to top button