रणजीत सिंह चौटाला का राजनीतिक इतिहास, सिर्फ दो बार विधायक फिर भी चार बार केबिनेट मंत्री

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रणजीत सिंह चौटाला: राजनीति में कब किसके दिन फिर जाएं कहा नहीं जा सकता ! 42 साल की उम्र में पहली बार चुनाव जीतकर अपने पिता के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने रंजीत सिंह !

 

3 साल बाद मुख्यमंत्री के प्रबल दावेदार बने लेकिन अपने भाई के मंत्री मंडल में फिर कैबिनेट मंत्री बने ! उसके बाद दो साल के लिए अपने भाई द्वारा खाली की गई राज्यसभा सीट पर चुनकर सांसद बने !

 

फिर लगातार 32 साल तक चुनाव हारते रहे ! 2019 में 74 साल की उम्र में निर्दलीय चुनाव लड़कर न केवल जीते बल्कि सभी पार्टियों ( कांग्रेस ,बीजेपी , जेजेपी और आईएनएलडी ) के उम्मीदवारों की जमानत जब्त करवा दी !

 

फिर खट्टर सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और उसके बाद नायब सैनी की सरकार में भी विधायक नहीं होने के बावजूद कैबिनेट मंत्री हैं ! 78 साल की उम्र होने के बावजूद आधा घंटे पहले ज्वाइन करवा कर बीजेपी ने लोकसभा की टिकट दे दी!

 

जीवन में केवल दो बार विधायक बने और चार मुख्यमंत्रियों की सरकार में कैबिनेट मंत्री बने ! 2005 में अपने कॉलेज के मित्र रहे भूपेंद्र हुड्डा के सरकार में भी कैबिनेट मंत्री का दर्जा (प्लानिंग बोर्ड का वाइस चेयरमैन) मिला ! राजनीति में भाग्य भी बड़ा रोल निभाता है ! कोई पांच बार चुनकर भी केवल विधायक मात्र रह जाता है !

 

 

Breaking news 

उचाना —-दुषयंत चौटाला व चौधरी बीरेंद्र सिंह परिवार की चुनाव में उचाना के किसान बिल्कुल भी मदद नहीं करेंगे, अगर इंडिया गठबंधन ने पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह को हिसार से लोकसभा का टिकट दिया तो उसके मुकाबले किसान मोर्चा का उम्मीदवार खड़े करने का भी फैसला लेंगे… आजाद पालवा किसान नेता पक्का मोर्चा उचाना

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उचाना में लोकसभा चुनाव की तारीख नजदीकी आते ही किसानों का गुस्से का पारा भी गर्म होने लगा है। 

 

लोकसभा उम्मीदवारों की घोषणा से पहले ही किसान नेता आजाद पालवा ने बताया कि हम पिछले 16 महीने से उचाना की उपमंडल कार्यालय परिषद में लगातार धरने पर बैठे हुए हैं हमारी समस्याओं को सुनने के लिए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और हिसार सांसद बृजेंद्र सिंह कभी भी नहीं आए थे।

 

दुष्यंत चौटाला को बीजेपी के खिलाफ वोट देकर विधायक बनाया था वो भी विधायक बनने के बाद बीजेपी की गोद में जा बैठा इसलिए उचाना के किसानों ने फैसला किया कि दुष्यंत चौटाला और चौधरी वीरेंद्र सिंह के परिवार की किसी भी कीमत पर लोकसभा चुनाव में मदद नहीं करेंगे।

 

आजाद पालवा ने कहा कि 29 व 30 तारीख को हिसार में सयुकत किसान मोर्चा की प्रदेश व राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी उसमें भी हम यह मुद्दा उठाया जाएगा अगर दलबदलुओं को टिकट इंडिया गठबंधन देती है तो उसके खिलाफ किसानों का प्रत्याशी मैदान उतारने का काम करेंगे इसलिए हम इंडिया गठबंधन के नेताओं से मांग करते हैं कि चौधरी वीरेंद्र सिंह के परिवार के किसी भी सदस्य को इंडिया गठबंधन की तरफ से हिसार लोकसभा से टिकट न दी जाए।

 

 

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Raman

Ramandeep Singh village ramgarh sirsa (haryana)

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