वॉट्सऐप ने कहा- दबाव बनाया तो भारत छोड़ देंगे

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वॉट्सऐप: कोर्ट में वॉट्सऐप के वकील की 3 बड़ी बातें

 

वॉट्सऐप ने कहा- दबाव बनाया तो भारत छोड़ देंगे:यूजर्स के मैसेज की जानकारी नहीं दे सकते, नए IT नियमों का विरोध कर रही कंपनी

 

IT नियम 2021 एन्क्रिप्शन के साथ यूजर्स की गोपनीयता को कमजोर करता है। यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन करता है।

 

दुनिया में कहीं और ऐसा कोई नियम नहीं है, ब्राजील में भी नहीं। यह नियम उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता के खिलाफ है और नियम बिना किसी परामर्श के पेश किया गया था।

 

हमें एक पूरी श्रृंखला रखनी होगी और हमें नहीं पता कि किन मैसेज को सरकार मांग सकती है। इसका मतलब है कि करोड़ों मैसेज वर्षों तक स्टोर करना होगा।

 

वॉट्सऐप: मामले में सरकार ने 4 बड़ी बातें कही

एडवोकेट कीर्तिमान सिंह ने कहा कि इस गाइडलाइन के पीछे का विचार मैसेज के सोर्स का पता लगाना था। वैसे भी, समय के अनुसार मैसेज को ट्रेस करने का कोई मैकेनिज्म होना ही चाहिए।

 

सरकार ने कहा कि वॉट्सऐप भारत में यूजर्स को किसी भी विवाद समाधान का अधिकार देश के अंदर नहीं देती है, यह उनके मौलिक अधिकारों का हनन है।

 

अगर IT नियम 2021 लागू नहीं किया गया, तो एजेंसियों को फर्जी मैसेज के सोर्स का पता लगाने में दिक्कत होगी। ऐसे मैसेज अन्य प्लेटफॉर्म्स में फैल जाएंगे, जिससे समाज में शांति-सद्भाव बिगड़ सकता है।

 

इंटरनेट ओपन होना चाहिए, सेफ और ट्रस्टेड होना चाहिए और प्लेटफॉर्म यूजर्स के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। किसी को भी भारतीय नागरिकों के मौलिक अधिकारों को छीनने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

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Raman

Ramandeep Singh village ramgarh sirsa (haryana)

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