नफे सिंह राठी की हत्या पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जताया गहरा रोष

कहा- प्रदेश में कानून व्यवस्था का पिट चुका है दिवाला, परिवार को मिले न्याय 

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नफे सिंह राठी (इनेलो प्रदेश अध्यक्ष) 

चंडीगढ़, 25 फरवरीः पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इनेलो प्रदेश अध्यक्ष की हत्या पर गहरा रोष, संवेदना और गुस्सा प्रकट किया है।

 

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हुड्डा का कहना है की प्रदेश में ऐसे हालात ना बनें, इसके लिए बार-बार विपक्ष की तरफ से सड़क से लेकर विधानसभा तक इस मुद्दे को उठाया गया और सरकार को चेताया गया। लेकिन सरकार की अनदेखी के चलते प्रदेश में कानून व्यवस्था का दिवाला निकल गया।

 

हुड्डा ने कहा कि वो राजनीतिक व्यक्ति नहीं बल्कि एक हरियाणवी होने के नाते भी इन हालातों को लेकर चिंतित हैं। हरियाणा देश का सबसे असुरक्षित राज्य है। खुद केंद्र सरकार की रिपोर्ट चीख-चीखकर इस बात की गवाही देती है।

 

एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि हरियाणा हत्या, लूट, चोरी, फिरौती, डकैती और रेप जैसे मामलों में देश के टॉप राज्यों में शुमार है। लेकिन प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की रिपोर्ट्स को भी गंभीरता से नहीं लिया। आज उसका नतीजा सबके सामने है।

 

पूरा मामला? 

इनेलो प्रदेश अध्यक्ष को गोलियों से भूना

इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी की हत्या, राठी को बहादुरगढ़ में गोलियां मारी, 3 गनमैन घायल

इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी को रविवार को कुछ लोगों ने गोलियां मार दीं। यह घटना झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में बराही फाटक के पास हुई। एक कार में आए कुछ हमलावरों ने राठी और उनके तीन गनमैनों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की।

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पुलिस के मुताबिक इस गोलीबारी में गाड़ी की अगली सीट पर बैठे राठी और उनके तीनों गनमैन घायल हो गए। घटना के बाद हमलावर अपनी कार में फरार हो गए। घायलों को ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनेलो के मीडिया सेल के इंचार्ज राकेश सिहाग ने नफे सिंह राठी की मौत की पुष्टि कर दी है।

इस वारदात के पीछे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी काला जठेड़ी पर शक जताया जा रहा है। शुरूआती जांच में हत्या के पीछे प्रॉपर्टी का विवाद बताया जा रहा है।

 

बहादुरगढ़ से विधायक रह चुके राठी

नफे सिंह राठी खुद बहादुरगढ़ से इनेलो के विधायक रहे हैं। उन पर दिनदहाड़े हुए इस हमले की खबर फैलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस की टीमें आनन-फानन में मौके पर पहुंची और घटनास्थल से गोलियों के खाली खोल और दूसरे सबूत इकट्ठा करने शुरू कर दिए।

हमलावरों की पहचान के लिए CCTV खंगाल रही पुलिस

हमलावर किस तरफ से आए और घटना के बाद किधर गए? यह जानने के लिए पूरे इलाके में सड़कों और दुकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक करने की तैयारी की जा रही है।

बाद में अस्पताल में चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई। इंडियन नेशनल लोकदल ने पुष्टि की है. घटना बराही फाटक के पास की है. हमलावर 1-10 पर सवार थे. नफे सिंह की कार पर फायरिंग की गई. सभी को गंभीर हालत में

ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां नफे सिंह राठी की मौत हो गई। पुलिस मौके पर घटना की जांच कर रही है. बताया जा रहा है कि इनेलो प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह पर हमला सुनियोजित था।

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सुप्रीम कोर्ट ने राठी का दूसरा निर्वाचन कर दिया था रद्द

चंडीगढ़ — इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी, जिनकी रविवार 25 फरवरी 2024 को हत्या कर दी गयी है, वह हालांकि झज्जर जिले की बहादुरगढ़ विधानसभा सीट से निरंतर दो बार विधायक निर्वाचित हुए थे परन्तु उन्हें केवल एक ही कार्यकाल की पेंशन प्राप्त हो रही थी.

 

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि जब उन्होंने प्रदेश विधानसभा के सभी पूर्व सदस्यों (विधायकों) को मिल रही पेंशन राशि बारे विस्तृत सूचना मांगी, तो उसमें राठी को पूर्व विधायक के तौर पर केवल एक ही कार्यकाल अर्थात मई, 1996 से दिसम्बर, 1999 तक के कार्यकाल की पेंशन दी जा रही दर्शायी रही थी जब वह समता पार्टी (देवी लाल- ओपी चौटाला की पार्टी का तत्कालीन नाम जो बाद में पहले हरियाणा लोक दल- राष्ट्रीय और तत्पश्चात इनेलो बनी) के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए थे.

 

हेमंत ने बताया कि हालांकि नफे सिंह राठी फरवरी, 2000 में भी बहादुरगढ़ सीट से इनेलो विधायक निर्वाचित हुए थे, इस प्रकार हालांकि उनकी दो कार्यकाल की पेंशन बनती थी.

परन्तु चूँकि जनवरी, 2005 में सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्शन पिटीशन की सुनवाई करते नफे सिंह के फरवरी, 2000 में बहादुरगढ़ विधानसभा सीट से विधायक के तौर पर जीते दूसरे चुनाव को रद्द घोषित कर दिया था.

Raman

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