Haryana News: हरियाणा के लोगों की बल्ले-बल्ले…इस शहर में बनने जा रहा इंटीग्रेटेड मेन्युफैक्चरिंग क्लस्टर

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Haryana News: हिसार एयरपोर्ट के पास NH 52 और NH 9 के साथ लगती 2988 एकड़ भूमि चिह्नित

 

 

Haryana News: साथियो हाल ही में हरियाणा प्रदेश के लिए बहुत बड़ी सौगात पेश की गई है बता दें कि हरियाणा के अंदर केंद्र व राज्य सरकार बड़े स्तर पर औद्योगिक गतिविधियां शुरू करने जा रही है। इसके लिए हिसार एयरपोर्ट के साथ लगती 1605 एकड़ जमीन में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनाने की योजना है।

 

जिसका मुख्य उद्देश्य यहां बड़ी कंपनियों का निवेश करवा कर औद्योगिक गतिविधियो को बढ़ाना है साथ ही हरियाणा के युवाओं को रोजगार भी मिल सके। हरियाणा सरकार का दावा है कि इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनने से 1 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा होगी।

इंटीग्रेटेड मेन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
इंटीग्रेटेड मेन्युफैक्चरिंग क्लस्टर

यह काम नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनआईसीडीसी) के तहत किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट पर 4694.46 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एयरपोर्ट पर बनने वाले ड्राई पोर्ट से ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री बढ़ेगी। यहां बनने वाले सामान को दूसरी जगहों पर पहुंचाने के लिए बड़े कंटेनर और ट्रक का इस्तेमाल किया जाएगा।

 

इसके लिए नजदीकी डीएफसी स्टेशनों का इस्तेमाल किया जाएगा। अंबाला हिसार से पूरब में 208 किमी दूर है, रेवाड़ी पश्चिम में 156 किमी दूर है, लॉजिस्टिक्स हब/ड्राई पोर्ट और आईसीडी कापसहेड़ा 182 किमी दूर है, आईएमएलएच नांगल चौधरी 189 किमी दूर है और कांडला समुद्री बंदरगाह 1055 किमी दूर है।

 

Haryana News: यहा की जाएगी इंटरफेस कनेक्टिविटी विकसित

ज्ञातव्य है कि पीएम गतिशक्ति योजना के तहत 21 जून 2024 को आयोजित नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) की 73वीं बैठक में गैस पाइपलाइन, हाई स्पीड रेल और ओएफसी के प्रावधान पर सहमति बनी थी तथा भारतीय रेलवे नेटवर्क और डीएफसी के बीच इंटरफेस कनेक्टिविटी विकसित करने के संबंध में बातचीत हुई थी।

 

Haryana News: क्या रहेगी प्लानिंग.. जाने 

बता दें कि पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप की 21 जून 2024 को आयोजित हुई 73वीं मीटिंग में गैस पाइप लाइन के प्रावधान, हाई स्पीड रेल व ओएफसीज और भारतीय रेल नेटवर्क तथा डीएफसीज के बीच इंटरफेस कनेक्टिविटी को डेवलप करने संबंधी बातचीत पर सहमति बनी है।

 

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि फेज 1 में कुल 1605 एकड़ भूमि में से इंडस्ट्री एवं लॉजिस्टिक हेतु 980.20 एकड़ व 61 प्रतिशत, कमर्शियल प्रयोग हेतु 39.02 एकड़ व 2 प्रतिशत, पब्लिक और सेमी पब्लिक हेतु 48.60 एकड़ व 3 प्रतिशत, रेजिडेंशियल हेतु 34.90 एकड़ व 2 प्रतिशत, सर्विसेज हेतु 28.50 एकड़ व 2 प्रतिशत, ग्रीन एंड वाटर बॉडी हेतु 242.52 एकड़ व 15 प्रतिशत तथा रोड एवं यूटिलिटीज हेतु 231.26 एकड़ व 15 प्रतिशत प्रयोग होगा।

 

Haryana News: डॉ. गुप्ता ने दी इसकी जानकारी

डॉ. गुप्ता ने बताया कि इंटीग्रेटेड मेन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के नजदीक मेटल इंडस्ट्री, इंजीनियरिंग एंड फेब्रिकेशन इंडस्ट्री, लॉजिस्टिक्स, कॉटन व टेक्सटाइल संबंधी, एग्रीकल्चर में फूड प्रोसेसिंग से संबंधित इंडस्ट्री पहले से है।

प्रस्तावित आईएमसी में एयरोस्पेस एंड डिफेंस के लिए 343.20 एकड़, फूड प्रोसेसिंग के लिए 172 एकड़, इंजीनियरिंग एंड फेब्रिकेशन के लिए 289.80 एकड़, रेडीमेड गारमेंट के लिए 92.20 एकड़, कॉमन रेडी शेड्स के लिए 12.73 एकड़, लॉजिस्टिक पार्क के लिए 70 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है।

 

क्लस्टर हेतु 100 प्रतिशत भूमि कब्जे में ले ली गई है। मास्टर प्लान पीडीआर और कॉस्ट एस्टीमेट तैयार हो चुके हैं।

 

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