Dabwali News: 200 घर नहीं गांव मे चंदा जुटा बना दिया 2 दिन मे गरीब का मकान….इस छोटे से गांव के युवाओ ने पेश की बड़ी मिसाल

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Dabwali News: रामगढ़ गांव ने सामाजिक सहभागिता का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। जो किसी मिसाल से कम नहीं।

Dabwali News: युवाओं ने जरुरतमंद परिवार का घर बना डाला है। जिसमें गांव में स्थित 200 घरों ने चंदा देकर सहयोग किया।

 

सामाजिक सहभागिता की कहानी शुरु हुई थी अप्रैल 2024 में। जरुरतमंद सुखमंदर सिंह मजदूरी कर रहा था। तूड़ी की गठरी उठाकर चलते समय वह गिर गया। उसके कूल्हे में फ्रेक्चर आया था।

 

बताया जाता है कि कई दिनों तक वह टूटे कूल्हे के साथ मजदूरी करता रहा। दर्द बढ़ गया तो मजदूरी छोड़नी पड़ी। जिससे खाने के लाले पड़ गए। कच्चा मकान जर्जर अवस्था में हो गया।

 

कुछ दिन पहले गांव के युवाओं को इसका पता चला। उसका पता लेने के लिए युवा घर पहुंच तो हालात देखकर पैरों तले से जमीन खिसक गई। हालात ऐसे थे कि छत गिरने वाली थी।

 

युवाओं ने मकान बनाने की ठान ली। सात-आठ जून को युवाओं ने मकान बनाने के लिए क्राउड फंडिंग करनी शुरु की। करीब 200 घरों से 70 हजार रुपये इक्ट्ठे हो गए। 16 फीट लंबाई, 13 फीट चौड़ाई में ग्र्रामीणों ने सुखमंदर का पक्का मकान बनाकर दिया है।

 

नहाने के लिए स्नानघर तथा आंगन बन गया है। जिस पर करीब 54 हजार रुपये खर्च हुआ है। शेष 16 हजार रुपये घर का राशन तथा अन्य जरुरत पूरी करने पर खर्च होंगे। मकान बनाने में ग्रामीणों ने श्रमदान किया, वहीं गांव मोडी के डेरा सच्चा सौदा के प्रेमियों ने भी सेवा की।

 

Dabwali News: अन्य गांवों से आई मदद, वापिस लौटाई

ग्रामीण विनोद सुथार, राजेंद्र कुमार ने बताया कि मकान के लिए पड़ौसी गांवों से मदद आई। लेकिन ग्रामीणों ने प्रण लिया था कि वे सभी मिलकर ही मकान बनाएंगे, बाहर से मदद नहीं ली जाएगी।

 

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इसके चलते बाहरी मदद को वापिस लौटा दिया गया। सुखमंदर का इलाज भी हो चुका है। उसकी पत्नी दिव्यांग है। कार्य करने में अक्षम होने के कारण ग्रामीणों ने आर्थिक मदद का फैसला लिया था।

 

जब सुखमंदर सिंह के बारे में पता चला तो हम इसके घर पर इसका पता करने गए थे, तब इसके मकान की हालात देख के दंग रह गए। अंदर गए तो देखा कि मकान की हालत बहुत जर्जर है।

बैठने की जगह नहीं थी

ऐसा लग रहा था यहां बैठेंगे तो यहां से गिर जाएगा, वहां पर बैठेंगे तो वहां से मलबा गिर जाएगा। सामाजिक सहभागिता से जरुरतमंद को पक्का मकान मिल गया।

✒️विनोद सुथार ( रामगढ़)

 

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